Admissions Rule 2026-27

प्रवेश-नियम 2026-27

सत्र 2026-27 में महाविद्यालय में उपलब्ध सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश, Jai Narain Vyas University, जोधपुर / आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, राजस्थान, जयपुर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगा।

महाविद्यालय में कला, वाणिज्य, विज्ञान, कम्प्यूटर विज्ञान एवं M.Sc. प्राणी विज्ञान में प्रवेश हेतु उपलब्ध सीटें निम्नानुसार हैं।

स्नातक स्तरस्नातकोत्तर
बी.ए. प्रथम सेमेस्टर – 2 सेक्शन
बी.कॉम. प्रथम सेमेस्टर – 1 सेक्शन
बी.एससी. प्रथम सेमेस्टर – 1 सेक्शन
बी.सी.ए. प्रथम सेमेस्टर – 1 सेक्शन
एम.एससी. प्रथम सेमेस्टर (प्राणीशास्त्र) – 1 सेक्शन।

प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु नियम

1. सभी संकायों के प्रथम सेमेस्टर में (राज्य सरकार / Jai Narain Vyas University, जोधपुर द्वारा जारी प्रवेश नीति के अनुरूप) बारहवीं परीक्षा में निर्धारित कला एवं वाणिज्य वर्ग में न्यूनतम 45% तथा विज्ञान वर्ग में न्यूनतम 48% अंक प्राप्त करने वाले नए विद्यार्थियों को वरीयतानुसार प्रवेश दिया जाएगा।

2. एम.एससी. प्रथम सेमेस्टर (प्राणीशास्त्र) में (राज्य सरकार / जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा जारी प्रवेश नीति के अनुरूप) केवल B.Sc. (Biology) उत्तीर्ण विद्यार्थी ही प्रवेश ले सकेंगे। B.Sc. स्नातक परीक्षा में न्यूनतम 55% अंक अथवा समकक्ष CGPA प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को वरीयतानुसार प्रवेश दिया जाएगा।

3. महाविद्यालय में प्रवेश की अंतिम तिथि के पश्चात कक्षा में स्थान रिक्त होने पर न्यूनतम निर्धारित प्रतिशत में 3% की छूट देते हुए पूर्व में पंजीकृत प्रार्थना-पत्रों पर विचार किया जा सकेगा।

4. किसी भी संकाय में प्रवेश के बाद संकाय/विषय परिवर्तन के आवेदन पर तभी विचार किया जाएगा, जब इच्छित संकाय/विषय में स्थान रिक्त हो तथा इच्छुक विद्यार्थी के अंक उस संकाय की पात्रता के अनुरूप हों।

5. विषय परिवर्तन हेतु विद्यार्थी को केवल एक विषय में परिवर्तन की अनुमति तथा केवल एक बार ही प्रदान की जाएगी।

6. संकाय/विषय परिवर्तन की स्वीकृति, निर्धारित अंतिम तिथि से 15 दिवस की अवधि में ₹100/- परिवर्तन शुल्क जमा कराने पर दी जाएगी।

7. संकाय परिवर्तन करने तथा इसी महाविद्यालय में अन्य संकाय में नियमित प्रवेश लेने पर परिवर्तित नवीन संकाय की निर्धारित फीस जमा करानी होगी।

तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु नियम

इस महाविद्यालय के सभी सेमेस्टरों में नियमित रूप से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को निर्धारित अंतिम तिथि तक अगले सेमेस्टर में प्रवेश हेतु आवेदन-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

यदि निर्धारित तिथि तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ हो, तो विद्यार्थी को प्रोविजनल (अस्थायी) प्रवेश हेतु आवेदन-पत्र प्रस्तुत करना होगा। ऐसे विद्यार्थियों को, यदि उनके विरुद्ध कोई आपत्ति नहीं हो, तो सामान्य रूप से प्रवेश प्रदान किया जाएगा। परीक्षा परिणाम प्रतिकूल घोषित होने अथवा प्रवेश हेतु अयोग्य पाए जाने पर जमा शुल्क नियमानुसार वापस कर दिया जाएगा।

पूरक परीक्षा के योग्य विद्यार्थियों हेतु प्रवेश नियम

1. बारहवीं कक्षा में पूरक घोषित होने पर संबंधित विषय में न्यूनतम उत्तीर्णांक जोड़कर मेरिट के आधार पर अस्थायी प्रवेश दिया जा सकेगा। परीक्षा परिणाम प्रतिकूल होने पर शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।

2. प्रथम अथवा द्वितीय सेमेस्टर उत्तीर्ण होने तथा कुछ प्रश्न-पत्र (Back Paper) शेष होने की स्थिति में, अगली कक्षा में प्रवेश के योग्य पाए जाने पर सत्र के प्रारम्भ में ही प्रवेश प्रदान किया जाएगा।

3. NEP (National Education Policy) के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों पर विश्वविद्यालय द्वारा समय-समय पर जारी नियम लागू होंगे।

अन्य विशेष नियम

1. अन्य महाविद्यालयों से स्थानांतरित होकर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रतिशत एवं अन्य नियम वही लागू होंगे, जो आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, राजस्थान, जयपुर तथा Jai Narain Vyas University, जोधपुर द्वारा निर्धारित किए गए हैं।

2. खेलकूद, सह-शैक्षणिक एवं शिक्षणोत्तर गतिविधियों में प्राप्त उपलब्धियों के बोनस अंक, राज्य सरकार की प्रवेश नीति के अनुरूप मेरिट हेतु जोड़े जाएंगे। अतः संबंधित प्रमाण-पत्र आवेदन-पत्र के साथ संलग्न करना आवश्यक होगा।

3. अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को पुनः प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

4. बारहवीं उत्तीर्ण करने के पश्चात अध्ययन में अंतराल (Gap) वाले विद्यार्थियों के लिए शपथ-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।


प्रवेश अस्वीकार करने के आधार

प्राचार्य निम्नलिखित परिस्थितियों में अभ्यर्थी का प्रवेश अस्वीकार कर सकते हैं—

1. प्रवेश हेतु प्रस्तुत आवेदन-पत्र में किसी तथ्य को जानबूझकर छिपाया गया हो अथवा मिथ्या जानकारी प्रस्तुत की गई हो।

2. निर्धारित तिथि तक महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क जमा नहीं कराया गया हो।

3. आवेदन-पत्र अपूर्ण रूप से प्रस्तुत किया गया हो।

4. अभ्यर्थी का प्रवेश संबंधित विश्वविद्यालय के नियमों के अंतर्गत स्वीकार्य न हो।

5. अभ्यर्थी पूर्व वर्षों में किसी दुराचार अथवा दुर्व्यवहार का दोषी रहा हो।

6. परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग के कारण बोर्ड अथवा विश्वविद्यालय द्वारा दंडित किया गया हो।

7. किसी शैक्षणिक अथवा अशैक्षणिक कर्मचारी के साथ परिसर में अथवा परिसर के बाहर हिंसात्मक व्यवहार करने का आपराधिक मामला न्यायालय में विचाराधीन हो।

8. न्यायालय द्वारा कदाचार अथवा किसी अन्य अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो।

9. प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी शैक्षणिक अथवा अशैक्षणिक कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र व्यवहार अथवा गाली-गलौच करने का दोषी पाया गया हो।

10. प्रवेश हेतु निर्धारित सीट/स्थान उपलब्ध न हो।

11. कक्षाओं में नियमित उपस्थिति न होने तथा Mid-Term परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने अथवा अनुत्तीर्ण रहने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।